गरीबों के गले का फंदा बना परिवार पहचान पत्र।

 


हरियाणा सरकार इन दिनों डिजिटलाइजेशन पर खूब जोर दे रही है जिससे जनता को सारी सुविधाएं मुहैया कराई जा सके इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र बनाने की घोषणा की थी। सरकार का कहना था कि परिवार पहचान पत्र का सहारा लेकर गरीब लोगों की छंटनी की जाएगी और उन लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई पड़ती है। 

दरअसल हरियाणा सरकार जिस परिवार पहचान पत्र से लोगों को सहूलियत देने की बात करती है वही परिवार पहचान पत्र अब लोगों के लिए फांसी का फंदा बन गया है एक तरफ जहां सरकार ने परिवार पहचान पत्र का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया तो वहीं दूसरी तरफ इससे न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बढ़ा बल्कि जनता को भी लघु सचिवालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अगर बात हम सिर्फ साइबर सिटी गुरुग्राम की करें तो यहां न जाने कितने ऐसे लोग हैं जो पिछले कई महीनों से लघु सचिवालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। साथ ही परिवार पहचान पत्र में गलत इनकम को आधार मानकर गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों के राशन कार्ड तक काट लिए गए। 


आपको बता दें परिवार पहचान पत्र को लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है और अभी भी प्रदेश में इसे बनाने का काम जारी है लेकिन हाल के दिनों में फैमिली आईडी में जो दिक्कतें आई है उसने मनोहर सरकार पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार पहचान पत्र से इनकम टैक्स में आए उलटफेर को लेकर हरियाणा में इतना बवाल मच गया है कि लोग लघु सचिवालय के बाहर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनकम टैक्स के साथ अब इन प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल हो गई है जो राशन कार्ड कटने से परेशान है।
हरियाणा सरकार परिवार पहचान पत्र के जरिए जो सरकारी सुविधाएं देने का गुणगान गाती है वह तो धरातल पर हवा हवाई साबित हो रहा है परिवार पहचान पत्र के चक्कर में लोगों को कई महीने से राशन नहीं मिल पाया इनकम ज्यादा होने की वजह से आयुष्मान योजना से बहुत से लोग वंचित रह गए। इन सभी बातों से एक बात तो साफ जाहिर होती है कि परिवार पहचान पत्र का लोगों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है प्रशासनिक अधिकारी अपनी लापरवाही को ठीक करने के लिए आनन-फानन में कैंप लगवा रहे हैं। जो सोच के साथ सरकार ने परिवार पहचान पत्र को लेकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश की वह तो अब धूमिल होती नजर आ रही है।


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