अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस
पृथ्वी अपने आप में नायाब वस्तुओं को समेटे हुए हैं, इन्हीं में से एक है पर्वत। पर्वतों को धरती का मुकुट कहा जाता है। कहीं बर्फ से ढके तो कहीं हरे-भरे यह पहाड़ खूबसूरत नजारा देते हैं। इनकी खूबसूरती जहां हमें प्रकृति के करीब लाती है वहीं, यह हमें आश्रय भी देती है। विश्व की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा अपने आश्रय के लिए इन्हीं पर्वतों पर निर्भर है। फल-फूल ,जड़ी-बूटी, आवास, कृषि और ना जाने ऐसे कितने कामों पर हम पर्वतों पर निर्भर हैं। पर्वतों की इन्हीं निर्भरता को देखते हुए हर साल 11 दिसंबर को International mountain day मनाया जाता हैै, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी इन पर्वतों का महत्व समझ कर इन्हें संरक्षित करने में मदद कर सके। वनो से घिरे और बर्फ से ढके पहाड़ हमारे लिए प्रकृति का अनमोल तोहफा है, जिसे बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। पर्वतों का जिक्र होते ही भारत का भी जिक्र होता है। भारत को पर्वतों का देश कहा जाता है। भारत में प्राचीन काल से ही पर्वतों का महत्व बताया गया है। हमारे देश की कई पौराणिक पुस्तकों जैसे गीता, रामायण, उपनिषादस और वेदों में भी इनकी चर्चा की गई है। भगवत गीता में पर...