भारत के वीर नेताजी
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की कहानी भारत ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में उनके संघर्ष को लेकर जानीं जाती है। नेताजी की कहानी एक ऐसे युवा की कहानी है जिसके जोश और जुनून ने पूरे देश में स्वतंत्रता की लहर उठाई। एक ऐसा महान व्यक्तित्व जो विश्व में कभी-कभी जन्म लेता है। जिसे कुछ भी मुफ्त में मंजूर नहीं आज़ादी भी चाही तो अपने खुन के दम पर। अंग्रेजो के खिलाफ नेता जी ने भारत को आजाद कराने के लिए जो प्रयास किया उसके लिए पूरा देश आज भी उन्हें याद करता है। उनका दिया नारा "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा" , "जय हिंद" जैसे नारे आज भी देश के हर नागरिक की जुबान पर है। 23 जनवरी 1897 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म कटक (उड़ीसा) में हुआ। उन्होंने उच्च शिक्षा कोलकाता के प्रेसिडेंसी और स्कॉटिश चर्च कॉलेज से प्राप्त की। 1920 में इंग्लैंड में सिविल सर्विस परीक्षा में नेताजी ने चौथा स्थान हासिल किया पर फिर भी वह इसे कभी संतुष्ट नहीं हुए बड़ी गाड़ियों में घूमना और सरकार की सेवाएं लेना शायद उन्हें रास नहीं आया तभी तो वे भारत आए और आजादी के लिए अपने जीवन में एक नया अध्याय लिखना शुरू किया। भारत माता से उन्हें इतना लगाव था कि उन्होंने भारत को अंग्रेजों से आजाद करवाने की जंग देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में छेड़ दी तभी तो उन्हें पूरे विश्व में आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है। अंग्रेजो के खिलाफ चल रही जंग में नेताजी ने आजाद हिंद फौज की स्थापना कर भारत को एक नया हथियार दिया हथियार अपने देश को आजाद कराने का, हथियार अपने देश को गर्व के साथ जीने देने का, हथियार हिंदुस्तान को विश्व में स्थापित करने का। नेताजी की 7000 की फौज में से करीब 26000 जवानों ने आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।


Nice 👍
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